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आखिर क्यों उनकी बेटियों में प्यूबर्टी की शुरुआत जल्दी हो रही है या वह समय से पहले ही क्यों बड़ी होने लगी हैं

आखिर क्यों उनकी बेटियों में प्यूबर्टी की शुरुआत जल्दी हो रही है या वह समय से पहले ही क्यों बड़ी होने लगी हैं: अगर आप भी किसी बेटी की मां है तो आपको पहले ही सतर्क रहने की जरूरत है। मां बाप अक्सर सोचते हैं कि हमारा बच्चा कहीं बुरी संगत या गलत दिशा में न पड़ जाए। ऐसा खासकर बेटियों के मामले में ज्यादा होता है। बेटी अगर घर से कहीं बाहर जाती है तो भी पेरेंट्स को उसकी चिंता सताने लगती है। कई बार मां-बाप अपने बेटी पर रोक-टोक लगाने लग जाते है जिस वजह से बेटी को अपने पेरेंट्स से नफरत होने लगती है।

आखिर क्यों उनकी बेटियों में प्यूबर्टी की शुरुआत जल्दी हो रही है या वह समय से पहले ही क्यों बड़ी होने लगी हैं
आखिर क्यों उनकी बेटियों में प्यूबर्टी की शुरुआत जल्दी हो रही है या वह समय से पहले ही क्यों बड़ी होने लगी हैं

बदलाव के मुताबिक ढलना

बढ़ती उम्र के साथ बच्चे अपने आप ही खुद में कुछ बदलाव महसूस करने लगते है। ऐसे में उन्हें बात-बात पर टोकने के बजाएं अपने आप को समझने का मौका दें। अगर बेटी अपने भीतर और आस-पास हो रहे बदलाव को खुद से समझेगी तो अच्छे से निर्णय ले पाएंगी।

जब बच्चे बचपने से निकल कर जीवन की दूसरी सीढ़ी पर पैर रखने के लिए तैयार होते हैं। उनमें मानसिक व शारीरिक विकास के साथ-साथ बौद्धिक विकास भी होने लगता है। यही वो दौर होता है, जहां से उनके भविष्य की राह तय होती है। इस समय में जरा-सी लापरवाही बच्चे के जीवन की राह बदल देती है। अगर यह कहा जाए कि मनुष्य के जीवन का यह सबसे नाजुक दौर होता है, तो गलत नहीं होगा।

किशोरावस्था क्या है?

बचपन और वयस्कता के बीच के महत्वपूर्ण समय को ही किशोरावस्था कहा जाता है। बचपन से किशोरावस्था की ओर बढ़ते लड़के और लड़कियों में हार्मोन्स की वजह से मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और शारीरिक बदलाव होते हैं। यह समय यौवन के आसपास का होता है। इस समय किशोर में सामाजिक क्षमताओं और व्यवहार का विकास होता है। साथ ही किशोरों का मस्तिष्क भी परिपक्वता की ओर बढ़ता है

यौवन कब शुरू होता है?

यौवन जीवन का ऐसा समय होता है, जब लड़का या लड़की यौन रूप से परिपक्व होने लगते हैं। यह ऐसी प्रक्रिया है, जो लड़कियों में 10 से 14 की उम्र और लड़कों में 12 से 16 साल के बीच होती है। इन शारीरिक परिवर्तन के कारण लड़के और लड़कियों में अलग-अलग तरह के प्रभाव देखे जाते हैं  श्वेता तिवारी की बेटी पलक ने शीशे के सामने जैकेट उतारकर दिया पोज, लोग बोले- उफ आफत मचा दी

 

लड़कियों में किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक परिवर्तन

लड़कियों में किशोरावस्था के दौरान तेजी से परिवर्तन होता है। इस अवस्था में उनके शरीर में होने वाले बदलाव कुछ इस प्रकार हैं लड़कियों के स्तन विकसित होने लगते हैं। यह एक तरीके से संकेत होता है कि यौवन शुरू हो रहा है।12 से 18 साल के बीच लड़कियों के स्तन पूरी तरह से विकसित हो जाते हैं। बाएं और दाएं दोनों स्तनों का विकास अलग-अलग आकार में हो सकता है। इस दौरान सॉफ्ट क्रॉप टॉप या स्पोर्ट्स ब्रा का इस्तेमाल करना अच्छा माना जाता है। लड़कियां इस दौरान लंबी होती हैं और उनके शरीर के कुछ अंग- जैसे हाथ, सिर और चेहरा अन्य अंगों के मुकाबले तेजी से बढ़ सकते हैं।

जल्दी किशोरावस्था शुरू होने की वजहें

प्यूबर्टी जल्दी शुरू होने पर मोटापे का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है. फैट एक काफी एक्टिव हार्मोन ग्रंथि होती है और फैट सेल्स बाकी हार्मोन्स को एस्ट्रोजन में बदल देता है. लड़कियों में फैट टिशू ज्यादा होने से प्यूबर्टी की शुरुआत जल्दी होने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है. हालांकि, इस पर रिसर्चर्स का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि मोटापा ही प्यूबर्टी जल्दी शुरू होने का मुख्य कारण है या इसके पीछे और कोई कारण भी है.

विष्य में कई तरह की समस्या

एक बाल चिकित्सक और एंडोक्रिनोलॉजिस्ट ने बताया, मैंने ऐसी बहुत सी लड़कियों को देखा है जिन्हें बहुत छोटी उम्र में प्यूबर्टी से गुजरना पड़ता है. हम जानते हैं कि जिन लड़कियों को समय से पहले प्यूबर्टी से गुजरना पड़ता है, उन्हें भविष्य में कई तरह की मेडिकल और साइकोलॉजिकल समस्याओं का सामना करना पड़ता है जैसे डिप्रेशन, मोटापा, ईटिंग डिसऑर्डर और साथ ही कैंसर का भी सामना करना पड़ सकता है.

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